बाल विवाह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने तथा समुदाय स्तर पर शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) का वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा @BrijeshS_211 के निर्देशन में इटावा पुलिस द्वारा “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।

अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों तथा इसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी दी। साथ ही आमजन से अपील की गई कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह समाज की प्रगति में बाधक है और इससे बच्चों का शारीरिक, मानसिक एवं शैक्षिक विकास प्रभावित होता है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह इस कुप्रथा के उन्मूलन में सक्रिय भूमिका निभाए। इटावा पुलिस का यह अभियान बाल अधिकारों की सुरक्षा एवं एक जागरूक, सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

