जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पैसे गिनते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद इसे लेकर तरह–तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं और सोशल मीडिया पर इसे वर्तमान से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है।

इटावा लाइव ने वायरल वीडियो की गंभीरता को देखते हुए इसकी स्वतंत्र पड़ताल की। जांच के दौरान वीडियो के तकनीकी पहलुओं, विशेष रूप से मेटा डेटा और डिजिटल संरचना की विस्तृत समीक्षा की गई। इस पड़ताल में सामने आया कि वायरल किया जा रहा वीडियो जून 2025 का है, न कि हालिया समय का।
फैक्ट चेक के दौरान यह भी पाया गया कि वीडियो के कुछ फ्रेम स्वाभाविक नहीं प्रतीत होते हैं। रिपोर्ट के अनुसार वीडियो के विजुअल और ऑडियो हिस्सों में आंशिक संपादन किया गया है और कुछ हिस्सों में एआई आधारित तकनीक से सुधार या निर्माण के संकेत मिले हैं। यह जानकारी Etawah Live Fact Check Report में स्पष्ट रूप से दर्ज की गई है।
फैक्ट चेक रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो की घोषित तिथि 02 जून 2025 है और समय 20:09:10 दर्ज पाया गया। वीडियो लगभग 205 सेकेंड का है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वीडियो को अब, लगभग आठ महीने बाद, सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है, जिससे इसके उद्देश्य और समय को लेकर सवाल उठते हैं।
गौरतलब है कि जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह अपने कार्यकाल में लगातार औचक निरीक्षणों के लिए जाने जाते हैं। वह जिले की ग्राम पंचायतों का नियमित निरीक्षण करते रहते हैं और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता पर जोर देते रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार बनवारी सिंह मातहत कर्मचारियों की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए भी पहचाने जाते हैं। उनके द्वारा समय-समय पर की गई कार्रवाइयों से कई स्तरों पर अनुशासन स्थापित हुआ है, जिसके चलते उनके कार्यशैली को लेकर वे अक्सर चर्चा में रहते हैं।
फैक्ट चेक के निष्कर्ष में यह स्पष्ट किया गया है कि वायरल वीडियो को उसके मूल समय और संदर्भ से हटाकर वर्तमान से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वीडियो के आंशिक रूप से संपादित और एआई जनित होने की जानकारी के साथ इसे साझा किया जाना चाहिए।
ताखा निवासी मुकुंद सिंह ने कहा कि बनवारी सिंह एक कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित अधिकारी हैं, जिनकी कार्यप्रणाली हमेशा नियमों के दायरे में रही है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है। पुराने और संदर्भ से हटकर वायरल किए जा रहे वीडियो से उनकी छवि को धूमिल करने का प्रयास अनुचित है।
सैफई निवासी देवाशीष गौतम ने कहा कि जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह अपने सख्त प्रशासनिक निर्णयों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई बार लापरवाह कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की है, जिसके कारण कुछ लोग उनसे असंतुष्ट भी रहे हैं। ऐसे में लगभग आठ महीने पुराने वीडियो को अचानक वायरल करना संदेह पैदा करता है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
चकरनगर निवासी राजेन्द्र यादव ने अपने बयान में कहा कि बनवारी सिंह ने हमेशा पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम किया है। ग्राम पंचायतों के नियमित निरीक्षण और औचक जांच से उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर सुधार किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को तथ्यात्मक जांच के बिना वर्तमान से जोड़ना गलत है।
जसवंतनगर निवासी राजेश पाल ने कहा कि बनवारी सिंह की छवि एक ईमानदार और सक्रिय अधिकारी की रही है। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई अनियमितताओं पर कार्रवाई कर प्रशासन को जवाबदेह बनाया है। ऐसे में तकनीकी रूप से संदिग्ध और पुराने वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालना न केवल गलत है बल्कि यह प्रशासनिक मर्यादाओं के भी खिलाफ है।
इटावा लाइव पाठकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील करता है कि किसी भी वायरल सामग्री पर विश्वास करने से पहले उसके स्रोत, समय और तथ्यात्मक जांच अवश्य करें। भ्रामक या अधूरी जानकारी न केवल व्यक्ति विशेष बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की छवि को भी प्रभावित कर सकती है।

